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मोटर व्हीकल एक्ट /इन सभी राज्यों को मिली भारी भरकम जुर्माने से राहत; जाने क्या आपका राज्य भी है इसमें शामिल..

नई दिल्ली: 11 राज्य भारी-भरकम ट्रैफिक जुर्माने के खिलाफ हो गए हैं। इनमें चार भाजपा शासित राज्य हैं। जुर्माना राशि में गुजरात में कटाैती होने के अगले ही दिन बुधवार को भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड ने भी जुर्माने की रकम घटा दी है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भी राज्य के अधिकारियाें काे जुर्माना घटाने का आदेश दिया है। इस बीच, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखकर कहा- “नए मोटर व्हीकल एक्ट में जुर्माने की राशि हद से ज्यादा बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार से अनुरोध है कि इस पर दोबारा विचार करे और जरूरी संशोधन करके जुर्माने की राशि को कम करे।”

विपक्ष के साथ ही भाजपा शासित राज्याें में भी विराेध हाेता देख गडकरी ने कहा कि लाेगाें की जिंदगी बचाना उनकी अकेले की जिम्मेदारी नहीं है। मुख्यमंत्री चाहें ताे अपने राज्याें में जुर्माना घटा सकते हैं। लेकिन, उन्हें इसके नतीजाें की भी जिम्मेदारी लेनी हाेगी। कांग्रेस शासित राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और पंजाब ने 1 सितंबर से लागू हुआ नया कानून अपने यहां लागू करने से इनकार कर दिया था।

ये राज्य हैं भारी-भरकम जुर्मानाें के खिलाफ:

  • गुजरात सरकार ने मंगलवार को नियमों में बदलाव कर जुर्माना राशि घटा दी। कई मामलाें में यह आधी ताे कुछेक में 90% तक कम की गई है। सरकार ने कहा कि जुर्माना बहुत ज्यादा था।
  • प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी संशाेधित मोटर वाहन कानून लागू करने से इनकार कर दिया। उन्हाेंने कहा- इससे लोगों पर बोझ पड़ेगा। इसलिए लागू ही नहीं करेंगे।
  • राजस्थान सरकार ने संशाेधित कानून के 33 प्रावधानों में से 17 में बदलाव कर जुर्माना राशि कम करने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। जुर्माने में 50% तक की कटाैती की गई है।
  • ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा था कि लाेगाें काे तीन महीने का वक्त देना चाहिए। अब नाकाें पर दाेपहिया चालकाें काे हेलमेट देकर जागरूक किया जा रहा है।
  • दिल्ली सरकार भी माैके पर चुकाए जाने वाले जुर्माने को लेकर सभी पक्षों के साथ विचार कर रही है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि दूसरे राज्यों की प्रतिक्रिया देखकर फैसला लेंगे।
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा था कि वह इस बारे में केंद्र सरकार से बात करेंगे। मंगलवार को कहा था कि 13 अक्टूबर के बाद संशोधन को लेकर विचार किया जाएगा।

गाेवा की भाजपा सरकार बाेली- जुर्माना लगाने से पहले ठीक की जाएंगी सड़कें

भाजपा के नेतृत्व वाली गाेवा सरकार ने अभी नए नियम लागू करने से इनकार किया है। सरकार ने कहा कि भारी-भरकम जुर्माने लगाने से पहले सड़काें काे गड्ढ़ा मुक्त करना उसकी नैतिक जिम्मेदारी है। परिवहन मंत्री माॅविन गाेदिन्हाे ने कहा कि सरकार दिसंबर तक सभी सड़काें की मरम्मत करवाएगी। उसके बाद जनवरी से संशाेधित माेटर वाहन कानून लागू किया जाएगा।

जुर्माना लोगों की जान से ज्यादा अहम नहीं: गडकरी
नितिन गडकरी ने कहा कि भारी जुर्माने का मकसद सिर्फ लाेगाें की जान बचाना है, आमदनी बढ़ाना नहीं। क्या सड़काें पर हाेने वाली डेढ़ लाख माैताें की चिंता नहीं करनी चाहिए? जुर्माना लाेगाें की जान से ज्यादा अहम नहीं है। सरकार ने सबसे सलाह और संसद में चर्चा के बाद इसे लागू किया है। हादसे कम करना और लाेगाें की जान बचाने की जिम्मेदारी राज्य और केंद्र सरकार दाेनाें की है।

नियमों में सख्ती के विरोध में गडकरी के घर के सामने यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन
ट्रैफिक नियमों की सख्ती के विराेध में बुधवार को दिल्ली यूथ कांग्रेस ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के घर के आगे प्रदर्शन किया। कांग्रेस ने कहा कि गरीब आदमी अगर 25 हजार रुपए का चालान कटवाएगा तो घर कैसे चलाएगा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि नियमों में बदलाव हाेने तक उनका विराेध जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियाें ने विरोध स्वरूप पुराने वाहन गडकरी को सौंपने की भी बात कही।

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